तुम्हारे बाद 

Carmel Sunset (Romantic Couple)
तुम्हारी दी हुई आखिरी कसम भी पूरी की मैंने,
बतोर लिया उन कांच के टुकड़ों को जो फर्श पर
मेरी ही तरह बिखरा छोड़ गये थे तुम ||
 
       हाँ कुछ उँगलियाँ कट गयी थी,
       पर दर्द नहीं अब सिर्फ निशाँ रह गया है |
       तुम्हारे जाने के बाद उस रात तेज बारिश आई,
       जो मिट्टी की उम्मीदों का घर बनाया था मैंने वो बह गया |
       पर कुछ साथ बिताए खोखले पलों की तस्वीरे बचा ली मैंने,
       वो भी ठीक तुम्हारी तरह खामोश लगी है मेरे मन्न के दीवारों पे ||
 
अभी किसी ने साथ देने की बात कही तो हंस पड़ी मैं,
 सोचा कह दूँ  मैंने साये तक को साथ छोड़ते देखा है
 याद है वो रास्ते जिन पे कभी साथ चले थे हम,
 बड़े लम्बे हो गये है अब अकेले वापसी का सफर तय करते वक़्त नापा था मैंने ||
 
       तुम्हारे बाद किसी ने बेवफाई की तो मेरे खुद के आंसुओं ने,
       पहले कैसे वक़्त बेवक्त कही भी लिपट जाया करते थे मुझसे
       अब तो पलकों पर नमी सूखी पड़ी है |
       प्यार, दर्द, गुस्सा सब बंद है एक काली सी कोथरी में
       और चाभी छुपा रखी है मुस्कराहट में,
       आज कल  लोग मेरी हसीं का राज पूछते हैं ||
 
कल आधी रात नींद खुली तुम्हारी यादों को सिरहाने पाया,
उन सारी रातों का हिसाब भी साथ लायी थी जब साथ जगे थे हम |
 फिर क्या तुम्हारी याद तो मेरी  मेरे जहन में चैन से सो गयी
और मैं रात भर नींद से लुका छुप्पी खेलती करवटें बदलती रही ||
 
        तुम कहा करते थे चले जाओगे, मैं कहा करती थी रोक लूँगी
        तुम तब भी वादे के पक्के थे, मैं तब भी इरादों की कच्ची थी
        तुम आज तक मुझसे प्यार नही कर पाये
        मैं अब भी तुमसे नफ़रत नही कर सकती

        तुम अब भी वादे के पक्के हो, मैं अब भी इरादों की कच्ची हूँ ||

 

20 thoughts on “ तुम्हारे बाद 

      1. I too touched ur heart while i was reading ” not today”
        Actually my beloved is reacting the same as you wrote. So i read each and every word very keenly..

        It really shook me hard.
        Now I knw very well the reason behind her indifferent response..

        And now i love her more..
        And can wait whole life as I had already decided but ur words made me more determined.
        I was reading ur words as listening to her.
        Thnks for opening my eyes Lavanya..

        Liked by 2 people

      2. It’s all my pleasure Lalit. Seriously. I am really overwhelmed that you have found her answer in my words.
        Sometimes even a little glimpse of hope can do wonders. I pray you two get together soon and for lifetime. 😊

        Liked by 1 person

  1. बहुत ही खूबसूरत लिखा है आपने।।शायद प्रेम और स्वार्थ का ऐसा ही संगम है।।
    प्यार करते थे हम वे निभा ना सके,
    अपनी दामन में उनको बसा ना सके,
    डूबते हम रहे बीच दरिया मगर,
    वे किनारे हमें फिर भी ला ना सके।।

    Liked by 1 person

  2. Thankyou so much Sir..😊
    “डूबते हम रहे बीच दरिया मगर,
    वे किनारे हमें फिर भी ला ना सके।।”
    Bahut khoob kaha aapne.

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  3. Awesome to see how u explained ur situation beautifully in a poem nice way to express what u feel and for others to know what reality is of love that how important u may be one day u will be vanished according to the needs… 😊

    Liked by 2 people

  4. Someone said a true thing “Love is The feeling that can never be exactly captured in words even if you write books and books about it”

    This poem is perfect example of it 💕🌷

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